HIMALAYAN VILLAGE HAAT

WHO WE ARE?

WHAT WE DO?

हिमालयन विलेज हाट उत्तराखंड के सुदूर एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पर्वतीय क्षेत्र ओखलकांडा (जनपद नैनीताल) में स्थित एक अग्रणी, सामाजिक रूप से उत्तरदायी एवं ग्रामीण विकास के प्रति समर्पित FMCG संस्थान है। हमारा उद्देश्य केवल उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का निर्माण और विपणन करना नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाते हुए सतत विकास (Sustainable Development) की एक ऐसी मिसाल स्थापित करना है, जिसमें ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा स्थानीय आजीविकाओं का संवर्धन एक साथ आगे बढ़ सकें।

हिमालय की पवित्र वादियों और स्वच्छ वातावरण में पारंपरिक एवं प्राकृतिक विधियों से उगाए गए शुद्ध, पौष्टिक और रसायन-मुक्त उत्पादों को हम सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाते हैं। हमारे उत्पाद केवल खाद्य सामग्री नहीं, बल्कि उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों की मेहनत, समर्पण और आत्मनिर्भरता की जीवंत कहानियाँ हैं। हम स्थानीय किसानों और उत्पादकों को उचित मूल्य, प्रशिक्षण एवं बाज़ार उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही, पारंपरिक कृषि पद्धतियों, जैविक खेती और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देकर हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा में भी अपना योगदान दे रहे हैं।

हिमालयन विलेज हाट का विश्वास है कि जब ग्रामीण समुदाय सशक्त होंगे, महिलाएँ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और युवा अपने क्षेत्र में सम्मानजनक अवसर प्राप्त करेंगे, तभी वास्तविक एवं समावेशी विकास संभव होगा। इसी सोच के साथ हम हिमालय की शुद्धता, परंपरा और संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुँचाने का सतत प्रयास कर रहे हैं।

"हिमालय की शुद्धता, गाँवों की समृद्धि और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सार्थक पहल।"

  • 2015 (जमीनी स्तर पर शुरुआत): इस अभियान की नींव वर्ष 2015 में एक दूरदर्शी सामाजिक कार्यकर्ता ललित मोहन कांडपाल (Lalit Mohan Kandpal) द्वारा रखी गई थी। उन्होंने ओखलकांडा के गांवों में पलायन, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को बेहद करीब से देखा। इसके बाद उन्होंने स्थानीय युवाओं और महिलाओं को एकजुट कर जमीनी स्तर पर काम करना शुरू किया।

  • 2023 (आधिकारिक स्थापना): सालों की कड़ी मेहनत, स्थानीय समुदायों के अटूट विश्वास और शुद्ध उत्पादों की बढ़ती मांग के कारण, वर्ष 2023 में HIMALAYAN VILLAGE HAAT को एक मजबूत कॉर्पोरेट पहचान के रूप में आधिकारिक तौर पर स्थापित किया गया।

हमारे सामाजिक सरोकार (Four Pillars of Impact)

हम अपने मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा समाज को वापस लौटाने में विश्वास रखते हैं:

  1. महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment): ओखलकांडा की ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। प्रसंस्करण (Processing) से लेकर पैकेजिंग तक की कमान महिलाएं संभालती हैं।

  2. ग्रामीण विकास (Rural Development): पहाड़ों से होने वाले मजबूरन पलायन (Migration) को रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और निष्पक्ष व्यापार (Fair Trade) के अवसर पैदा किए जा रहे हैं।

  3. पर्यावरण संरक्षण (Environment): हम पूरी तरह से जैविक खेती और जैविक-विविधता का समर्थन करते हैं। वनों को दावानल (जंगल की आग) से बचाने और जंगली मधुमक्खियों के संरक्षण के लिए किसानों को प्रशिक्षित किया जाता है।

  4. शिक्षा (Education): ग्रामीण बच्चों के लिए आधुनिक शिक्षा, डिजिटल साक्षरता और स्कूल सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से बेहतर भविष्य की नींव रखी जा रही है।

हमारा सफर: जमीन से शिखर तक (2015 - 2023)

हमारे प्राकृतिक उत्पाद (Himalayan Roots Portfolio)

ओखलकांडा की प्रदूषण मुक्त वादियों से सीधे तैयार होने वाले हमारे मुख्य उत्पाद निम्नलिखित हैं:

  • जंगली मधुमक्खी का शहद (Wild Bee Honey): गहरे जंगलों और दुर्लभ औषधीय फूलों से पारंपरिक विधि द्वारा निकाला गया शुद्ध, बिना उबला (Raw) और अनप्रोसेस्ड शहद। यह प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है।

  • हिमालयी जड़ी-बूटियाँ (Himalayan Herbs): बालछड़, गिलोय, मडुआ, थूनेर और तुलसी जैसी औषधीय जड़ी-बूटियाँ जो स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती हैं।

  • पहाड़ी मसाले (Spices): पहाड़ों की पारंपरिक ओखली में पिसे हुए तेज सुगंध वाले मसाले, जैसे कि उच्च-कुरकुमिन वाली हल्दी, पहाड़ी राई, जखिया और विशेष जंबू।

  • पारंपरिक बीज (Seeds): प्रोटीन और फाइबर से भरपूर स्थानीय बीज जैसे कि भांग के बीज (Hemp Seeds), भट्ट (काली सोयाबीन) और गहत की दाल।

  • प्राकृतिक पेय पदार्थ (Beverages): बुरांश का शुद्ध जूस, हर्बल चाय (Himalayan Green Tea) और बिच्छू घास (Nettle Leaf) से बने स्वास्थ्यवर्धक पेय।

जंगली शहद

स्थानीय महिलाओं को लाभ

मधुमक्खी पालकों और संग्राहकों को सही दाम।

पर्यावरण और समाज पर प्रभाव

जंगलों में मधुमक्खियों की संख्या बढ़ने से प्राकृतिक परागण को बढ़ावा।

पहाड़ी मसाले बीज
पेय पदार्थ जड़ी-बूटियाँ

स्थानीय महिलाओं को लाभ

महिला स्वयं सहायता समूहों को सीधे घर बैठे रोजगार।

पर्यावरण और समाज पर प्रभाव

रसायनों और कीटनाशकों से मुक्त खेती से भूमि की उपजाऊ शक्ति का संरक्षण।

स्थानीय महिलाओं को लाभ

पैकेजिंग और प्रोसेसिंग यूनिट्स में ग्रामीण युवाओं को काम।

पर्यावरण और समाज पर प्रभाव

पारंपरिक पहाड़ी ज्ञान और धरोहर का पुनरुद्धार।

OUR IMPACT

Honey dripping from spoon into a glass bowl
Honey dripping from spoon into a glass bowl
Wild Honey

Collected From Bhimtal & Nainital Region

assorted herb powder
assorted herb powder
Spices And Seeds

Widely collected From Himalayan roots

Two glasses of colorful drinks on a wooden table.
Two glasses of colorful drinks on a wooden table.
High Altitude Beverages

Rhodo, Kiwi, Malta, Amla, Pulum, Khumani etc

a person holding a tin of tea in their hand
a person holding a tin of tea in their hand
Himalayan Herbs

Almost all the herbs up to high meadows.

A stall filled with various woven baskets and wooden crafts.
A stall filled with various woven baskets and wooden crafts.
Rustic interior with shelves and colorful rug
Rustic interior with shelves and colorful rug

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Since 2012, a journey rooted in compassion, determination, and a positive vision toward building a better society and environment has been steadily evolving. This vision took a formal shape in 2021 with the registration of ASTITVAM FOUNDATION, a Non-Governmental Organization. Astitvam Foundation works with dedication toward a healthy environment, creative education, revival of traditions, and holistic universal reform. The foundation’s path reflects an ancient proverb that defines its purpose and perseverance:
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